पूर्णियाँ विश्वविद्यालय में 220 संविदा आधारित सहायक प्राध्यापकों के प्रमाण-पत्रों का सत्यापन पूरा, 200 अभ्यर्थी हुए शामिल

पूर्णियाँ / किशन : पूर्णियाँ विश्वविद्यालय, पूर्णियाँ द्वारा बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग, पटना से अनुशंसित संविदा आधारित सहायक प्राध्यापकों के प्रमाण-पत्रों एवं आवश्यक अभिलेखों के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। विश्वविद्यालय स्तर पर विभिन्न विषयों के लिए गठित जांच समितियों द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत अभ्यर्थियों के शैक्षणिक प्रमाण-पत्रों एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों की विषयवार गहन जांच एवं सत्यापन किया गया।

बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग, पटना की ओर से पूर्णिया विश्वविद्यालय के लिए विभिन्न विषयों में कुल 220 संविदा आधारित सहायक प्राध्यापकों की अनुशंसा की गई थी। इसके आलोक में विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा संबंधित अभ्यर्थियों को प्रमाण-पत्र सत्यापन के लिए आमंत्रित किया गया। सत्यापन प्रक्रिया के दौरान कुल 220 अनुशंसित अभ्यर्थियों में से 200 अभ्यर्थी उपस्थित हुए, जबकि 20 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।विषयवार आंकड़ों के अनुसार हिन्दी विषय में कुल 38 अभ्यर्थियों में से 35 उपस्थित और तीन अनुपस्थित रहे। अर्थशास्त्र में कुल 39 अभ्यर्थियों में से 36 उपस्थित तथा तीन अनुपस्थित रहे। राजनीति शास्त्र में कुल 38 अभ्यर्थियों में से 34 उपस्थित और चार अनुपस्थित रहे। इतिहास विषय में कुल 38 अभ्यर्थियों में से 35 उपस्थित तथा तीन अनुपस्थित रहे। समाजशास्त्र में कुल 33 अभ्यर्थियों में से 29 उपस्थित और चार अनुपस्थित रहे। वहीं अंग्रेजी विषय में कुल 34 अभ्यर्थियों में से 31 अभ्यर्थी सत्यापन के लिए उपस्थित हुए, जबकि तीन अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, सत्यापन के दौरान संबंधित अभ्यर्थियों द्वारा प्रस्तुत शैक्षणिक प्रमाण-पत्रों, अभिलेखों एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों की विषयवार जांच की गई।

विश्वविद्यालय द्वारा गठित जांच समितियों ने निर्धारित मानकों एवं प्रक्रिया के अनुरूप दस्तावेजों का सत्यापन किया। पूरी प्रक्रिया को पारदर्शिता एवं निर्धारित नियमों के तहत संपन्न कराया गया।विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से बताया गया है कि बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग द्वारा अनुशंसित संविदा आधारित सहायक प्राध्यापकों के प्रमाण-पत्र सत्यापन का कार्य अब पूरा हो चुका है। इसके बाद संविदा आधारित सहायक प्राध्यापकों का पदस्थापन केंद्रीकृत प्रक्रिया के माध्यम से किया जाना है। पदस्थापन से संबंधित आगे की कार्रवाई विश्वविद्यालय स्तर पर निर्धारित प्रक्रिया एवं नियमानुसार की जाएगी।