पूर्णियाँ कॉलेज में अतिरिक्त शुल्क वसूली को लेकर छात्र जदयू पूर्णियाँ ने उठाई आवाज, डीएसडब्ल्यू को सौंपा ज्ञापन

अंग इंडिया / संवाददाता / पूर्णियाँ : स्नातक सत्र 2026-30 के नामांकन एवं रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के दौरान पूर्णिया कॉलेज में निर्धारित शुल्क से अधिक राशि लिए जाने के आरोप को लेकर छात्र जनता दल यूनाइटेड (छात्र जदयू) ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। छात्र जदयू पूर्णिया के प्रतिनिधिमंडल ने इस संबंध में पूर्णिया विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण पदाधिकारी (डीएसडब्ल्यू) को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और छात्रों से ली गई अतिरिक्त राशि वापस कराने की मांग की।

छात्र जदयू का कहना है कि विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित शुल्क के अतिरिक्त पूर्णिया कॉलेज द्वारा प्रत्येक छात्र से ₹61.36 की अतिरिक्त राशि वसूली गई। संगठन के अनुसार इस मामले की जानकारी समय रहते कॉलेज एवं विश्वविद्यालय प्रशासन को दी गई थी, इसके बावजूद 19 जून 2026 तक छात्रों से अतिरिक्त शुल्क लिया जाता रहा। प्रतिनिधिमंडल ने अपने ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया कि राजभवन सह कुलाधिपति के निर्देशों के अनुरूप नामांकन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने तथा UMIS व्यवस्था को समाप्त करने की बात कही गई थी, लेकिन इसके बावजूद छात्रों को नामांकन प्रक्रिया में UMIS का उपयोग करना पड़ रहा है, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।

छात्र जदयू पूर्णिया के जिला अध्यक्ष अंकित झा ने कहा कि छात्रों के हितों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि छात्रों से ली गई अतिरिक्त राशि वापस होनी चाहिए तथा इस मामले में जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

जिला उपाध्यक्ष सह प्रवक्ता किशन भारद्वाज ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूली जाती है तो यह छात्रों के हितों के विरुद्ध है और छात्र जदयू आगे भी छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करता रहेगा।

जिला महानगर अध्यक्ष अमन श्रीवास्तव ने कहा कि नामांकन प्रक्रिया छात्रों के लिए सहज और निष्पक्ष होनी चाहिए। अतिरिक्त शुल्क की वसूली से विशेष रूप से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के विद्यार्थियों पर अनावश्यक आर्थिक दबाव पड़ता है, इसलिए प्रशासन को इस मामले में जल्द उचित कार्रवाई करनी चाहिए।इस अवसर पर छात्र जदयू के अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। संगठन ने स्पष्ट किया कि छात्रों के हितों से जुड़े मुद्दों पर उनकी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।