Brahma Kumaris Centre celebrates 57th death anniversary of Brahma Baba; message given to become "incorporeal, viceless, and egoless"

ब्रह्माकुमारी केंद्र में मनाया गया ब्रह्मा बाबा का 57वां स्मृति दिवस; “निराकारी, निर्विकारी और निरहंकारी” बनने का दिया संदेश

Brahma Kumaris Centre celebrates 57th death anniversary of Brahma Baba; message given to become "incorporeal, viceless, and egoless"

प्रिंस कुमार/ अररिया/ 

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय (माउंट आबू) की फारबिसगंज शाखा ‘ओम शांति केंद्र’ में रविवार को संस्थान के संस्थापक प्रजापिता ब्रह्मा बाबा का 57वां पुण्य स्मृति दिवस अत्यंत श्रद्धा और गरिमा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर साधकों ने बाबा के बताए मार्ग पर चलने और विश्व कल्याण का संकल्प लिया।

केंद्र की संचालिका बी.के. रुकमा दीदी ने ब्रह्मा बाबा के जीवन दर्शन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि तत्कालीन ‘दादा लेखराज’ (ब्रह्मा बाबा) एक सफल हीरा व्यापारी थे। 1936 ई. में 60 वर्ष की आयु में उन्हें ईश्वरीय ज्ञान की अनुभूति हुई। शिव बाबा की प्रेरणा से उन्होंने अपनी समस्त भौतिक संपदा का त्याग कर दिया और एक स्वर्णिम, पवित्र समाज के निर्माण के लिए स्वयं को समर्पित कर दिया।

रुकमा दीदी ने कहा कि बाबा द्वारा स्थापित यह संस्थान आज विश्व के 142 देशों में अपनी शाखाओं के माध्यम से मानवता की सेवा कर रहा है। ओम शांति केंद्र पवित्रता, सहयोग और तनाव मुक्त जीवन जीने की कला सिखाकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला रहे हैं। उन्होंने बताया कि 18 जनवरी 1969 को ब्रह्मा बाबा अपने शरीर का त्याग कर शिव बाबा की गोद में समा गए थे। उनके जीवन के अंतिम तीन प्रेरणादायक शब्द— निराकारी, निर्विकारी और निरहंकारी— आज भी करोड़ों लोगों के लिए पथ-प्रदर्शक हैं।

स्मृति दिवस के उपलक्ष्य में केंद्र परिसर में ब्रह्मा बाबा के जीवन संघर्ष और उनकी आध्यात्मिक यात्रा पर आधारित एक भव्य चित्र प्रदर्शनी लगाई गई। कार्यक्रम के अंत में बाबा को ‘भोग’ अर्पित किया गया, जिसके पश्चात उपस्थित सभी भाई-बहनों के लिए ‘ब्रह्म भोजन’ का आयोजन हुआ।

इस आध्यात्मिक समागम में बी.के. रुकमा दीदी के साथ बी.के. सीता दीदी, मनीषा दीदी, संतोषी दीदी और रंजू डालमिया ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मौके पर फूल कुमारी दीदी, रेखा धनावत, मृदुला दीदी, शांति दीदी, डॉ. उमेश मंडल, मदन मोहन कनौजिया, विजय लखोटिया, पप्पू डालमिया, अजातशत्रु अग्रवाल, विकास भाई, अनमोल भाई, जगदीश बाबू, सिंपल सर, अशोक भाई और राम प्रकाश भाई सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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