SAHARSA NEWS,अजय कुमार : संस्कति मंत्रालय भारत सरकार, साहित्य अकादेमी नई दिल्ली एवं ईस्ट एन वेस्ट डीग्री काॅलेज पटुआहा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का मंगलवार को ईस्ट एन वेस्ट काॅलेज समुह के बहुउदेशीय सभागार में उद्घघाटन समारोह को मैथिली परामर्श मंडल, के संयोजक सह अंतरराष्ट्रीय भाषा वैज्ञानिक उदय नारायण सिंह नचिकेता ,ईस्ट एन वेस्ट काॅलेज समुह के चेयरमैन डॉ रजनीश रंजन, मैथिली परामर्श मंडल के सदस्य सुभाष चंद्र यादव रमण कुमार सिंह, ईस्ट एन वेस्ट डिग्री काॅलेज के प्राचार्य डॉ बसंत कुमार मिश्रा ने दीप प्रज्वलित कर संगोष्ठी का शुभारंभ किया गया।दो दिवसीय मैथिली संगोष्ठी के उद्घघाटन सत्र में विषय प्रवर्तन के रूप में उदय नारायण सिंह नचिकेता ने मैथिली क्षेत्र के मूर्धन्य विद्वान ललित, राजकमल चौधरी व मायानंद मिश्र के जीवन वृत्त और मैथिली साहित्य में उनके द्वारा किए गए कार्य पर प्रकाश डाला। स्वागत वक्तव्य में रमण कुमार सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए अतिथियों का आभार जताया।
उद्घघाटन सत्र के अध्यक्षीय भाषण में चेयरमैन डॉ रजनीश रंजन ने मंचासिन समानित अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए मैथिली साहित्य के क्षेत्र में अमुल्य योगदान में ललित, राजकमल चौधरी और मायानंद मिश्र के जीवन वृत्त पर प्रकाश डालते हुए आयोजित संगोष्ठी को सार्थक पहल बताया।बीज भाषण में सुभाष चंद्र यादव ललित, राजकमल चौधरीव मायानंद मिश्र के जीवन पर प्रकाश डालते हुए मैथिली आंदोलन के क्षेत्र में तीनों की रचना और साहित्य पर प्रकाश डालते हुए उनके की कालजयी रचनाओं की चर्चा किया।
महाविद्यालय के प्राध्यापक सह जनसंपर्क पदाधिकारी अभय मनोज के संचालन में आयोजित उद्घघाटन सत्र का धन्यवाद ज्ञापन ईस्ट एन वेस्ट डिग्री काॅलेज के प्राचार्य डॉ बसंत कुमार मिश्रा ने साहित्य अकादेमी नई दिल्ली के साथ साथ सभी अतिथियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।
संगोष्ठी के पहले दिन द्वितीय सत्र में ललित के जीवन वृत्त पर संगोष्ठी की अध्यक्षता प्रख्यात मैथिली लेखक प्रदीप बिहारी आलेख कुमारी अमृता, मैथिल प्रशांत व वरिष्ठ रंगकर्मी लेखक व निर्देशक प्रकाश झा ने किया।वहीं प्रथम दिन के तृतीय सत्र में अरविन्द कुमार दास की अध्यक्षता में राजकमल चौधरी के जीवन वृत्त पर आयोजित संगोष्ठी में आलेख प्रस्तुती पुतुल प्रियम्वदा ,विकास वत्सनाभ, दीपिका चन्द्रा ने उनकी लेखनी और मैथिली साहित्य में उनकेयोगदान पर आलेख प्रस्तुत किया।वही द्वितीय सत्र का संचालन किसलय कृष्ण ने किया।



