PURNIA NEWS,प्रफुल्ल सिंह : मंगलवार को क्षेत्र की सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की दीर्घायु और दाम्पत्य जीवन की सुख-समृद्धि की कामना के लिए पारंपरिक तीज व्रत बड़ी श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया। यह व्रत मंगलवार से आरंभ होकर बुधवार को भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना के साथ संपन्न होगा। परंपरा के अनुसार, सुहागिन स्त्रियां पूरे दिन निर्जला उपवास रखती हैं और पूजा के बाद ही इसे समाप्त करती हैं। नवविवाहित महिलाओं के लिए यह व्रत विशेष महत्व रखता है। इस दौरान उनके ससुराल पक्ष से पूजन सामग्री के साथ-साथ परिवार के सभी सदस्यों हेतु वस्त्र एवं मिठाई संदेश स्वरूप भेजे जाते हैं।
समाज की अन्य महिलाएं भी नवविवाहिताओं को नियमपूर्वक व्रत संपन्न कराने में सहयोग देती हैं। रातभर शिव-पार्वती कथा का श्रवण और जागरण भी इसका अभिन्न हिस्सा है। मान्यता है कि अगर व्रती महिला को जागरण के दौरान नींद आ जाती है तो अगले जन्म में उसे सर्प योनि प्राप्त होती है। इसी कारण पूरी रात भक्ति गीतों और कथाओं के माध्यम से व्रत का निर्वहन किया जाता है। क्षेत्र की महिलाएं इसे उत्साह और आस्था से निभा रही हैं।



