अररिया: श्री लक्ष्मी नारायण ठाकुरबाड़ी, बिहार में मंगलवार को एक ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला जब जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गौ मतदाता संकल्प यात्रा निकालकर बिहार की राजनीति में सनातन धर्म और गौ संरक्षण के एजेंडे के साथ हस्तक्षेप की घोषणा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी विधानसभा चुनावों में सभी क्षेत्रों से गौ भक्त प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतरेंगे और प्रचार भी गौ भक्तों द्वारा ही किया जाएगा। शंकराचार्य जी ने कहा कि गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करवाना अब एक आंदोलन का रूप ले चुका है और यह तभी संभव होगा जब सनातन धर्म को मानने वाले संगठित होकर मतदान करें।
उन्होंने सभी राजनीतिक दलों, खासकर भाजपा और कांग्रेस, पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि इन दलों ने केवल सनातन धर्म के नाम पर वोट लिए लेकिन कभी गौ माता के सम्मान और संरक्षण के लिए संसद में आवाज नहीं उठाई। उन्होंने यह भी कहा कि सभी दलों से गौ माता पर उनकी नीति पूछी गई थी लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया, जिसके चलते मजबूरन अब गौ भक्तों को स्वयं राजनीति में उतरना पड़ रहा है।
सीतामढ़ी से शुरू हुई इस यात्रा के माध्यम से उन्होंने कहा कि गौ रक्षा केवल आस्था नहीं, बल्कि राष्ट्र की आत्मा से जुड़ा विषय है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि जो भी गौ माता का सम्मान नहीं करेगा, वह सनातन का सच्चा प्रतिनिधि नहीं हो सकता। इस आध्यात्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में उपस्थित भक्तों ने पूरे उत्साह से शंकराचार्य महाराज के संदेश को आत्मसात किया।



