प्रिंस कुमार, अररिया: उत्तर बिहार में कड़ाके की ठंड और गिरते पारे को देखते हुए जिला प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा के लिए कड़ा कदम उठाया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (पटना) के पूर्वानुमान और जिले में जारी शीतलहर को देखते हुए जिलाधिकारी विनोद दूहन ने कक्षा-8 तक की सभी शैक्षणिक गतिविधियों पर 11 जनवरी 2026 तक रोक लगा दी है।
बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए लिया गया निर्णय
डीएम द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि जिले में सुबह और शाम के समय तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है। ऐसी स्थिति में छोटे बच्चों के स्वास्थ्य और जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की प्रबल संभावना है।
धारा-163 के तहत आदेश: जिलाधिकारी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा-163 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह प्रतिबंध लागू किया है। जिले के सभी सरकारी एवं निजी विद्यालय, प्री-स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र और कोचिंग संस्थान इस आदेश के दायरे में रहेंगे।
बड़ी कक्षाओं और आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए नए नियम
कक्षा-8 से ऊपर के छात्रों और आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए प्रशासन ने समय में बदलाव किया है, वर्ग 8 से ऊपर: कक्षा 9 से 12 तक की शैक्षणिक गतिविधियां सुबह 11:00 बजे से अपराह्न 3:00 बजे तक ही संचालित की जा सकेंगी। आंगनबाड़ी केंद्र: बच्चों को गर्म भोजन उपलब्ध कराने हेतु केंद्र दोपहर 12:00 बजे से 2:00 बजे तक खुले रहेंगे। बोर्ड परीक्षा: प्री-बोर्ड और बोर्ड परीक्षाओं के लिए संचालित होने वाली विशेष कक्षाओं को इस प्रतिबंध से मुक्त रखा गया है।
प्रशासनिक कार्य रहेंगे यथावत
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश केवल शैक्षणिक गतिविधियों पर लागू है। विद्यालयों के शिक्षक और कर्मचारी अन्य प्रशासनिक कार्यों का निष्पादन पूर्व की भांति यथावत करते रहेंगे।
प्रशासन की चेतावनी
शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन ने सभी निजी और सरकारी स्कूल संचालकों को इस आदेश का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है। आदेश का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अभिभावकों ने प्रशासन के इस निर्णय का स्वागत किया है, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से घने कोहरे और ठंडी हवाओं के कारण बच्चों को स्कूल भेजने में काफी कठिनाई हो रही थी।



