पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत 74 मछली जाल बुनकरों को मिला प्रमाण पत्र

अररिया, प्रिंस कुमार : आज शनिवार को जिले के पारंपरिक कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) अररिया (रानीगंज) में ‘फिश नेट मेकर’ (मछली जाल बुनकर) व्यवसाय का प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले 74 कामगारों को शनिवार को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों के प्रशिक्षित कामगार शामिल हुए।
स्वरोजगार के लिए मिलेगा वित्तीय सहयोग
प्रमाण पत्र वितरण समारोह के दौरान संस्थान के प्राचार्य श्री राजीव कुमार ने सभी प्रशिक्षणार्थियों को उनके सफल प्रशिक्षण पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह प्रमाण पत्र केवल कौशल की पहचान नहीं है, बल्कि स्वरोजगार का आधार भी है। उन्होंने जानकारी दी कि प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले इन कामगारों को सरकारी बैंकों के माध्यम से रियायती दरों (कम ब्याज) पर ऋण उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि वे आधुनिक संसाधनों के साथ अपना स्वयं का व्यवसाय शुरू कर सकें।
जिले के 700 से अधिक कारीगरों ने उठाया लाभ
प्राचार्य ने बताया कि अररिया जिले के तीनों सरकारी आईटीआई संस्थानों में पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत विभिन्न व्यवसायों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
 व्यापक कवरेज: इस योजना के तहत वर्तमान वर्ष में जिले के 700 से अधिक कारीगर अब तक प्रशिक्षण प्राप्त कर लाभान्वित हो चुके हैं।
 18 प्रकार के व्यवसाय: केंद्र सरकार इस योजना के जरिए देशभर के 18 पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को कौशल विकास से जोड़ रही है।
कैसे प्राप्त करें योजना की जानकारी?
योजना के बारे में विस्तार से जानकारी साझा करते हुए बताया गया कि इच्छुक कारीगर किसी भी राजकीय आईटीआई संस्थान के स्पोक प्रभारी से संपर्क कर सकते हैं। सरकार का लक्ष्य इन पारंपरिक व्यवसायों को आधुनिक बाजार की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना और कारीगरों की आर्थिक स्थिति में सुधार लाना है।

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