पूर्णिया: पूर्णिया में गुरुवार को बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति (BSSS) और सेंटर फॉर हेल्थ पॉलिसी – एडीआरआई (CHP–ADRI) के संयुक्त प्रयास से निजी सूचीबद्ध अस्पतालों के प्रतिनिधियों के लिए एक विशेष एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत उपचार सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ाने, धोखाधड़ी की आशंकाओं को कम करने तथा गुणवत्ता दस्तावेजीकरण के मानकों को सुदृढ़ करने पर जोर दिया गया। होटल पार्क स्क्वायर में आयोजित इस कार्यक्रम में पूर्णिया, अररिया, कटिहार, किशनगंज, मधेपुरा, सहरसा एवं सुपौल जिलों से आए चिकित्सकों, अस्पताल प्रबंधकों एवं स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम की शुरुआत बीएसएसएस के निदेशक (ऑपरेशन) डॉ. आलोक रंजन ने स्वागत भाषण से की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में सिविल सर्जन डॉ. प्रमोद कुमार कन्नौजिया मौजूद रहे। बीएसएसएस के प्रशासनिक अधिकारी शैलेश चंद्र दिवाकर ने एंटी-फ्रॉड से जुड़े खतरों और उनकी रोकथाम हेतु प्रभावी उपायों पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के दौरान सीएचपी-एडीआरआई के विशेषज्ञों डॉ. गुरिंदर रंधावा एवं सत्येन्द्र कुमार ने प्रतिभागियों को स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट गाइडलाइंस, हेल्थ बेनिफिट पैकेज अनुपालन एवं केस स्टडीज के माध्यम से बेहतर सेवा प्रबंधन की जानकारी दी।
इसके साथ ही, जिला आईडीएसपी सेल और एडीआरआई टीम ने रियल-टाइम डेटा रिपोर्टिंग हेतु IHIP पोर्टल की कार्यप्रणाली पर प्रशिक्षण प्रदान किया। कार्यशाला के अंतिम चरण में हुए फोकस ग्रुप डिस्कशन (FGD) में अस्पताल प्रतिनिधियों ने योजना कार्यान्वयन से जुड़ी व्यवहारिक समस्याओं और उनके संभावित समाधानों पर सुझाव रखे। कार्यक्रम का समापन एडीआरआई के टीम लीड डॉ. सूरज शंकर द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने कहा कि अस्पतालों से प्राप्त इनपुट नीति निर्धारण में अहम भूमिका निभाएंगे।



