सहरसा, अजय कुमार : जिले के सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड के अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय अंधरी जमीन के अभाव में मुश्किल से चल रही थी। लेकिन गांव के ही भूमि दाताओं ने अपनी जमीन दान देकर विद्यालय भवन बनने का मार्ग प्रशस्त किया।प्रधानाचार्य पुनीता झा ने कहा कि प्राथमिक विद्यालय अंधरी विगत 40 वर्षों से भूमिहीन था। जमीन नहीं रहने के कारण विद्यालय का भवन नहीं बन पा रहा था।इस कठिनाई को देखकर ग्रामीण विष्णु देव शर्मा, हरे कृष्णा शर्मा, नूनू शर्मा एवं गुड्डू शर्मा द्वारा अपने हिस्से की भूमि विद्यालय के नाम दान कर दिया।भूमि दाताओं ने कहा कि के बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले इसलिए शिक्षा के महत्व को देखते हुए भव्य शिक्षा का मंदिर बनाने हेतु उन लोगों ने अपनी भूमि विद्यालय को दान दी है।
प्रधानाचार्य ने बताया कि इस मौके पर भूमि दाताओं द्वारा निबंधन कार्यालय सिमरी बख्तियारपुर में विद्यालय के नाम जमीन रजिस्ट्री राज्यपाल के नाम कर दी है।इस मौके पर शिक्षा विभाग के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी भी मौजूद थे। प्रधानाचार्य ने कहा कि जमीन मिलने से विद्यालय का अपना सुंदर भवन बन गया है। इस विद्यालय में लगभग 300 बच्चे अध्यनरत है। जो पूर्ण अनुशासन में रहकर प्रतिदिन ड्रेस में आते हैं जिसके कारण बच्चों की पढ़ाई में एकरूपता के साथ सुगमता पूर्वक की जाती है। गांव में विद्यालय बन जाने से अभिभावकों में हर्ष व्याप्त है। वही बच्चे भी अब नवनिर्मित भवन में योग्य शिक्षकों द्वारा शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।



