सहरसा, अजय कुमार: Saharsa News बिहार के कई जिलों में कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट नजर आ रहा है। इसी क्रम में शुकवार को सहरसा जिला व्यवहार न्यायालय परिसर में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यह मॉक ड्रिल पुलिस अधीक्षक हिमांशु के निर्देश पर कराई गई। जिसमें न्यायालय के जज, पुलिस पदाधिकारी, सुरक्षा बल और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। मॉक ड्रिल के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों का अभ्यास किया गया। कोर्ट परिसर में प्रवेश-निकास, संदिग्ध गतिविधियों की पहचान, भीड़ नियंत्रण और त्वरित प्रतिक्रिया जैसी प्रक्रियाओं को परखा गया।
अचानक हुई इस कार्रवाई से कुछ देर के लिए न्यायालय परिसर में हलचल जरूर मची, लेकिन अधिकारियों द्वारा लोगों को जल्द ही स्थिति की जानकारी दी गई। जज इंचार्ज सह रजिस्ट्रार ने बताया कि मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य सभी संबंधित लोगों को सतर्क और जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि सतर्कता ही सुरक्षा की पहली सीढ़ी है। जिले भर से सबसे अधिक लोग न्यायालय परिसर में आते हैं, जिनमें आम नागरिक, अधिवक्ता और न्यायिक अधिकारी शामिल हैं। ऐसे में सभी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस तरह का अभ्यास बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार की मॉक ड्रिल नियमित रूप से कराई जानी चाहिए।
वहीं सदर एसडीपीओ ने बताया कि बिहार के कई जिलों के कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक के आदेश पर एहतियातन यह मॉक ड्रिल कराई गई है। इसका उद्देश्य पुलिस और प्रशासन की तैयारियों को परखना और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना है। इस मॉक ड्रिल में न्यायालय प्रशासन के साथ-साथ बार एसोसिएशन का भी पूरा सहयोग मिला। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की संयुक्त कार्रवाई से न केवल सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होती है, बल्कि आम लोगों में भी सुरक्षा को लेकर भरोसा बढ़ता है। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है।



