PURNIA NEWS,अभय कुमार सिंह : बुधवार को भाकपा माले और अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (एपवा) रुपौली इकाई की ओर से “कर्ज मुक्ति मार्च” का आयोजन किया गया। मार्च खादी भंडार प्रांगण से शुरू होकर रुपौली बाजार होते हुए थाना चौक पर एक सभा में बदल गया। मार्च का नेतृत्व कां. सुलेखा देवी, कां. सीता देवी, कां. संगीता देवी सहित दर्जनों महिलाओं ने किया। सभा को संबोधित करते हुए एपवा नेताओं ने कहा कि बिहार में गरीब और जरूरतमंद महिलाएं माइक्रोफाइनेंस संस्थानों से कर्ज लेती हैं, लेकिन ये ऋण उनके आर्थिक सशक्तिकरण के बजाय उन्हें महाजनी के जाल में फंसा देता है। एक कंपनी का कर्ज चुकाने के लिए उन्हें दूसरी जगह से ऋण लेना पड़ता है, जिससे वे कर्ज के चक्रव्यूह में फंस जाती हैं।
नेताओं ने आरोप लगाया कि बढ़ती महंगाई, घटती आय, रोजगार के अभाव और जरूरतों के चलते महिलाएं मजबूरी में कर्ज लेती हैं, लेकिन समय पर किस्त न चुका पाने के कारण वे मानसिक तनाव, कंपनियों के उत्पीड़न, आत्महत्या और पलायन जैसी समस्याओं का सामना करती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन इस उत्पीड़न को रोकने में पूरी तरह विफल रहे हैं।
मुख्य मांगें
सहायता समूह की सभी महिलाओं के ₹2 लाख तक के कर्ज माफ किए जाएं।
माइक्रोफाइनेंस कंपनियों के अत्याचार पर रोक लगाई जाए।
जीविका समूह से जुड़ी कैडरों को मानदेय दिया जाए।
गरीब महिलाओं को रोजगार के लिए सरकार बिना ब्याज के कर्ज दे।
इस अवसर पर कां. सुलेखा देवी (सचिव), कां. सीता देवी (अध्यक्ष) और एपवा की अन्य नेताओं ने भी सभा को संबोधित किया।



