बेटी के सेक्स रैकेट में फंसने की झूठी खबर से शिक्षिका की मौत, साइबर ठग ने दी थी सूचना

 BIHAR POLITICS: जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर (PK) को आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा स्थित उनके पैतृक गांव कल्याण बिगहा जाने से रोक दिया गया। प्रशांत किशोर यहां नीतीश कुमार की ‘वादाखिलाफी और भ्रष्टाचार’ के खिलाफ “बदलाव का हस्ताक्षर” अभियान शुरू करने पहुंचे थे। पुलिस प्र शासन ने उन्हें कल्याण बिगहा में प्रवेश करने की इजाजत नहीं दी।

कल्याण बिगहा में प्रशासन द्वारा गांव में प्रवेश रोके जाने के बाद प्रशांत किशोर ने बिहारशरीफ में एक जनसभा को संबोधित किया। जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें मुख्यमंत्री के गांव में इसलिए नहीं जाने दिया क्योंकि वहां ‘विकास और भ्रष्टाचार की कलई खुल जाती’

प्रशांत किशोर ने कहा, “नालंदा बिहार के लाड़ले मुख्यमंत्री का गृह जिला है। कहा जाता है कि उन्होंने नालंदा में बहुत विकास कार्य किए हैं। हम उन्हीं के विकास कार्य को देखने उनके गांव कल्याण बिगहा जा रहे थे लेकिन पुलिस ने हमें उनके गांव में घुसने नहीं दिया। ऐसा इसलिए क्योंकि जब हम उनके गांव जा रहे थे तो रास्ते में मिले लोगों ने बताया कि पूरे बिहार में बहुत भ्रष्टाचार है।”

उन्होंने आगे कहा कि बिहार में अधिकारी और नेता राशन कार्ड बनाने से लेकर जमीन की रसीद कटाने तक के लिए रिश्वत ले रहे हैं, जिससे आम लोग परेशान हैं। प्रशांत किशोर ने बिहारशरीफ की जनता से अपील की कि अगली बार वे लालू, नीतीश और मोदी के चेहरे पर नहीं, बल्कि अपने बच्चों के चेहरे को देखकर वोट दें। उन्होंने कहा, “आपको और आपके बच्चों को लूटने वाले नेताओं को वोट न दें। अगली बार अपने बच्चों के लिए वोट दें और बिहार में जनता का राज स्थापित करें।”

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